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Ardee Industries IPO: 5 अगस्त से खुलेगा आर्डी इंडस्ट्रीज का IPO, ₹426 करोड़ जुटाने की तैयारी

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Ardee Industries IPO 5 अगस्त 2026 से खुलेगा। कंपनी ₹426 करोड़ जुटाएगी। जानिए प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट, फंड का उपयोग और कंपनी के कारोबार से जुड़ी पूरी जानकारी।

सर्कुलर इकोनॉमी और सेकेंडरी मेटल्स कारोबार से जुड़ी Ardee Industries Ltd ने अपने बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का सार्वजनिक निर्गम 5 अगस्त 2026 से निवेशकों के लिए खुल जाएगा और 7 अगस्त तक आवेदन किए जा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 4 अगस्त को पूरी की जाएगी।

कंपनी ने IPO के लिए प्रति शेयर ₹50 से ₹53 का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन करीब ₹1,671 करोड़ बैठता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं के बीच इस इश्यू पर निवेशकों की नजर रहेगी।

यह सार्वजनिक निर्गम फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों का मिश्रण है। कंपनी नए शेयर जारी कर लगभग ₹320 करोड़ जुटाएगी, जबकि प्रमोटर समूह करीब 1.99 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगा। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर पूरे IPO का आकार लगभग ₹426 करोड़ रहने का अनुमान है।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कारोबार के विस्तार और कार्यशील पूंजी की जरूरतों पर खर्च किया जाएगा। लगभग ₹220 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि ₹22 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज को कम करने में किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों और भविष्य की व्यावसायिक जरूरतों के लिए रखी जाएगी।

IPO खुलने से पहले भी कंपनी में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। जुलाई के अंतिम सप्ताह में कंपनी के शेयरों में लगभग ₹115 करोड़ के सेकेंडरी ट्रांजैक्शन हुए। ये सौदे ₹53 प्रति शेयर के भाव पर किए गए, जिनमें कई प्रमुख निवेशकों और फैमिली ऑफिस ने भागीदारी दिखाई। इससे बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

यदि IPO तय कार्यक्रम के अनुसार पूरा होता है तो कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 12 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में हो सकती है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Pantomath Capital Advisors हैं, जबकि रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी KFin Technologies को सौंपी गई है।

Ardee Industries का कारोबार मुख्य रूप से पुराने ऊर्जा भंडारण उपकरणों और नॉन-फेरस स्क्रैप की रीसाइक्लिंग पर आधारित है। कंपनी इनसे शुद्ध लेड और लेड एलॉय तैयार करती है, जिनका उपयोग बैटरी, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा भंडारण और केमिकल उद्योगों में किया जाता है। पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के दोबारा उपयोग की दिशा में कंपनी का व्यवसाय सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल का हिस्सा माना जाता है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024 में जहां परिचालन से आय ₹462.96 करोड़ थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹1,167.65 करोड़ तक पहुंच गई। इसी अवधि में शुद्ध लाभ ₹8.95 करोड़ से बढ़कर ₹84.68 करोड़ हो गया। आय और मुनाफे में आई यह बढ़ोतरी कंपनी के मजबूत विस्तार और कारोबार की गति को दर्शाती है।

IPO में निवेश करने वाले निवेशकों की नजर अब ग्रे मार्केट की गतिविधियों, सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों और लिस्टिंग प्रदर्शन पर रहेगी। हालांकि किसी भी IPO में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय दस्तावेज, जोखिम कारक और अपने निवेश सलाहकार की राय पर विचार करना आवश्यक माना जाता है।

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नजरिया

देश में रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों को निवेशकों का बेहतर समर्थन मिल रहा है। यदि किसी कंपनी की आय और मुनाफा लगातार बढ़ रहा हो तो वह निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। फिर भी केवल ग्रोथ देखकर निवेश करना पर्याप्त नहीं होता। कंपनी के कर्ज, वैल्यूएशन, जोखिम और भविष्य की योजनाओं का भी गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। IPO में निवेश हमेशा सोच-समझकर और अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार ही करना बेहतर माना जाता है।

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